नई दिल्ली / कोरोना वायरस का कहर भारत में भी बढ़ता जा रहा है। सरकारी आंकड़ों में अब तक 365 मामले सामने आए हैं। इसमें से 41 विदेशी हैं। 7 लोगों की मौत भी हो चुकी है। भारत सरकार की तरफ से लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है, फैलने से रोकने के लिए कई कदम भी उठाए गए हैं। विदेशों में फंसे भारतीयों को भी सरकार वापस ला रही है।
दिल्ली में 27 और उत्तर प्रदेश में भी अब तक 26 मरीज सामने आ चुके हैं। कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र में हैं, दूसरे नंबर पर केरल है। फिलहाल कोरोना से 24 लोग ठीक हो गए हैं, 6 की हो चुकी है मौत। कोरोना महामारी के बढ़ते मामले देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कोरोना प्रभावित 75 जिलों को 31 मार्च तक के लिए लॉकडाउन किया गया है। इस दौरान सिर्फ जरूरी सेवाएं मिलेंगी। रेल सर्विस, मेट्रो सर्विस और बस सर्विस इस दौरान बंद रहेगी। दिल्ली मेट्रो ने इसकी पुष्टि कर दी है। उन्होंने बताया कि 31 तक दिल्ली मेट्रो पूरी तरह बंद रहेगी।
यह आदेश रविवार को कैबिनेट सचिव ने जारी किया है। उन्होंने बताया कि पाबंदी उन 75 जिलों में लगाई गई है जहां पर कोरोना पॉजेटिव मामले सामने आए हैं। 31 मार्च तक अब गैर जरूरी यातायात पर अब 31 मार्च तक के पाबंदी लगा दी गई है। इस दौरान कोई भी ट्रेन नहीं चलेगी। साथ ही मेट्रो का परिचालन भी सीमित होगा।
देश में कोरोना के बढ़ते मामलों ने सुप्रीम कोर्ट की भी चिंता बढ़ा दी है। शीर्ष न्यायालय में आगे कामकाज जारी रखा जाए या नहीं, इसपर तो अभी फैसला नहीं हुआ है, लेकिन उच्चतम न्यायालय में ऐहतियातन 2 अदालतों को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चलाने का ऐलान किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की जिन 2 अदालतों को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चलाने का फैसला हुआ है, उनमें जज अपने कोर्ट रूम में बैठेंगे और वकील किसी दूसरी जगह पर होंगे। विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों की जिरह की जाएगी। कोर्ट के मामलों से जुड़ी एक वेबसाइट बार के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में काम आगे जारी रखा जाए या नहीं, इसपर सोमवार को बैठक बुलाई गई है।
23 मार्च को दोपहर साढ़े 12 बजे फुल कोर्ट मीटिंग होगी और इसमें कोरोना को रोकने के लिए सरकार द्वारा लगाए गए हालिया प्रतिबंधों के मद्देनजर सुप्रीम को कोर्ट का कामकाज जारी रखने पर फैसला हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रेकॉर्ड असोसिएशन भी शीर्ष अदालत से कोर्ट का कामकाज सीमित करने की मांग कर चुके हैं। इन दोनों संगठनों ने कोर्ट में केवल बेहद जरूरी मामलों की सुनवाई जारी रखने की मांग की है।
सरकारी आंकड़ों में कोरोना के अब तक 365 मामले सामने आए
सरकारी आंकड़ों में कोरोना के अब तक 365 मामले सामने आए