कोरोना के संकट को देखते हुए बैंकों के कामकाज को घटाने की योजना बनाई जा रही है
 



नई दिल्ली। कोरोना के संकट को देखते हुए बैंकों के कामकाज को घटाने की योजना बनाई जा रही है। इस संबंध में रिजर्व बैंक ऑफ  इंडिया (आरबीआई) ने सभी बैंकों के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की है और इस संबंध में जल्द निर्देश जारी किए जाएंगे। कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए कम से कम लोगों से संपर्क रखने के लिए बैंकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। एक तरफ सैनिटाइजर और अन्य जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं से शाखाओं को लैस किया जा रहा तो दूसरी तरफ ग्राहकों से अपील की जा रही है कि ज्यादा से ज्यादा डिजीटल लेन-देन करें। इन्हीं प्रयासों के अगले चरण में बैंकों के कामकाज को सीमित किया जाएगा। इसके तहत बैंकों के कामकाज के घंटे घटाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें ग्राहकों के साथ बैंकिंग कामकाज को 2 से 3 घंटे तक घटाया जा सकता है। इसके अलावा कारोबार की हालत को देखते हुए उन्हें भी राहत देने की तैयारी की जा रही है। कामकाज ठप्प होने या कम होने से लोन की किस्तों पर असर पडऩे लगा है। इसे देखते हुए आरबीआई लोन खातों को एनपीए से बचाने के लिए अतिरिक्त समय देने की योजना तैयार कर रहा है। इस योजना के तहत खातों को एनपीए से बचाने के लिए उन्हें 30 से 60 दिन का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। इस अतिरिक्त अवधि में कारोबारियों से अतिरिक्त ब्याज नहीं ‎लिया जाएगा।